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Dr. Pankaj Srivastava

Action

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Dr. Pankaj Srivastava

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तिरंगे की शान

तिरंगे की शान

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बदलाव समय का सारा हो गया,

देखो, तिरंगे का बटवारा हो गया।

कहते थे जिसको केसरिया,

आज भगवा वो रंग, सारा हो गया।

सफेद पर नीला चक्र ऐसा,

आसमान में हो चांद जैसा।

हरा रंग जो हरियाली था,

वो एक सम्प्रदाय का हवाला हो गया।

देखो, तिरंगे का बटवारा हो गया।

तिरंगे की खातिर वीर जवान,

अमिट, अविचल,अडिग रहे,

अंगद के पांव जैसे तूफानों में डटे रहे।

वीर शहीदों की शान है तिरंगा,

वीर जवानो की आन है तिरंगा।

केसरिया, सफेद और हरा,

हर जवान देश के लिये मरा।

हर हिन्दुस्तानी को आना होगा,

बदले रंगो को हटाना होगा।

तिरंगे में लिपटा हिन्दू, मुस्लिम, सिख या इसाई,

दीजिए वीर शहीद को अन्तिम विदाई।

आइये प्रार्थना करते हैं रब से,

तिरंगा हवा में ही लहराए अब से।

तिरंगा हमारी जान है,

हर हिन्दुस्तानी की आन बान और शान है।

भारतवर्ष के वीर सपूतों को श्रदाँजलि,

दे आज से निहित स्वार्थों को तिलांजली।

अखंड भारत का सपना साकार है करते 

आइये भारत माता की जय जय कार हैं करते।


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