STORYMIRROR

SANGRAM SALGAR

Abstract Romance Inspirational

4  

SANGRAM SALGAR

Abstract Romance Inspirational

थोड़ा थोड़ा प्यार हुआ

थोड़ा थोड़ा प्यार हुआ

1 min
215

इश्क तो वक्त वक्त की बात है

हम तो वक्त को ही गुलाम बनाने निकले थे

पता ही नहीं चला

कब थोडा थोडा प्यार हुआं


माना लब्ज आपकेही थे

लेकिन पागल तो हम हुए

खुद को संभालते संभालते

थोडा थोडा प्यार हुआं


आपके लब्जो की जादू हमपे चली

नहीं तो हम कहां पिघलने वालो में से थे

लेकीन घायल जरूर हुए

फिर भी थोडा थोडा प्यार हुआं


दिन में तारे

और रात मै चाँद दिखने लगे

धीरे ही सही लेकिन

थोड़ा थोड़ा प्यार हुआ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract