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SANGRAM SALGAR

Abstract Romance Inspirational

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SANGRAM SALGAR

Abstract Romance Inspirational

थोड़ा थोड़ा प्यार हुआ

थोड़ा थोड़ा प्यार हुआ

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इश्क तो वक्त वक्त की बात है

हम तो वक्त को ही गुलाम बनाने निकले थे

पता ही नहीं चला

कब थोडा थोडा प्यार हुआं


माना लब्ज आपकेही थे

लेकिन पागल तो हम हुए

खुद को संभालते संभालते

थोडा थोडा प्यार हुआं


आपके लब्जो की जादू हमपे चली

नहीं तो हम कहां पिघलने वालो में से थे

लेकीन घायल जरूर हुए

फिर भी थोडा थोडा प्यार हुआं


दिन में तारे

और रात मै चाँद दिखने लगे

धीरे ही सही लेकिन

थोड़ा थोड़ा प्यार हुआ।


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