SANGRAM SALGAR
Abstract Classics Inspirational
बारिश में भिगने की मजा ही कुच ओर
कभी-कभी सुरज भी निकलता बारिश में चारी ओर
अनोखा है निसर्ग का ये चमत्कार रहस्य
सच है कि बारिश भी है इस धरती का सदस्य।
गलती से दोस्त...
थोड़ा थोड़ा प...
हम कहां शायर ...
अनोखी बारिश
वो दिन भी क्य...
वो है मेरा गा...
सावन की पहली ...
पहला प्यार
मुसाफिर
प्रयास
चलती रहो धीरे-धीरे, ये जीवन है दौड़ नहीं. हर पल की कीमत को जानो, कहीं इस का मोड़ नही चलती रहो धीरे-धीरे, ये जीवन है दौड़ नहीं. हर पल की कीमत को जानो, कहीं इ...
अंधेरी रात। सुनसान छत। तुम और मैं, करनी है ढ़ेर सारी बात। अंधेरी रात। सुनसान छत। तुम और मैं, करनी है ढ़ेर सारी बात।
मेरा दुःख किसी को बता न सकता हूँ अपनी हाथों कुल्हाड़ी मार न सकता हूँ मेरा दुःख किसी को बता न सकता हूँ अपनी हाथों कुल्हाड़ी मार न सकता हूँ
बस एक करवट बदलने की देर है, और सब समतल हो जाएगा। बस एक करवट बदलने की देर है, और सब समतल हो जाएगा।
बेटी के चरणों मे घर की मान। तुमसे हैं जीवनभर सम्मान। बेटी के चरणों मे घर की मान। तुमसे हैं जीवनभर सम्मान।
राम जैसे नदियां राम जैसे सागर, राम नाम जैसे अमृत धार... राम जैसे नदियां राम जैसे सागर, राम नाम जैसे अमृत धार...
माँ तेरी बिंदी को देखकर तेरे होने का अहसास होता है। माँ तेरी बिंदी को देखकर तेरे होने का अहसास होता है।
पत्थर मौन रहकर, उड़ान को देते हौसले। पत्थर मौन रहकर, उड़ान को देते हौसले।
हम गुजरते हैं, हर वो यादों की गलियां जो दिलके करीब होते हैं ! हम गुजरते हैं, हर वो यादों की गलियां जो दिलके करीब होते हैं !
जलते हुए चिराग से घर कोई ना जले। मरघट में गांव, बस्ती, शहर कोई ना ढले। जलते हुए चिराग से घर कोई ना जले। मरघट में गांव, बस्ती, शहर कोई ना ढले।
मैया मोरी, मै नाही नौकरी करण जयबो, कोलिज देखन में है भारी। मैया मोरी, मै नाही नौकरी करण जयबो, कोलिज देखन में है भारी।
मैंने कभी कुछ कहा नहीं! मैंने कभी कुछ कहा नहीं!
रोशनी देने का इरादा अपना होता है तो जलाना भी खुद को पड़ेगा . रोशनी देने का इरादा अपना होता है तो जलाना भी खुद को पड़ेगा .
काफिला जिस तरफ चला होगा, एक बस्ती का रास्ता होगा .! काफिला जिस तरफ चला होगा, एक बस्ती का रास्ता होगा .!
तन्हा गर हूँ भी पर किसी तिनके में जान है अभी बाकी। तन्हा गर हूँ भी पर किसी तिनके में जान है अभी बाकी।
कल्पना नाम था उसका, कल्पना करना काम था उसका। कल्पना नाम था उसका, कल्पना करना काम था उसका।
जिंदगी की पहेली सुलझाने चली थी, पर उसमें ही, और उलझ गई। जिंदगी की पहेली सुलझाने चली थी, पर उसमें ही, और उलझ गई।
प्यासा मन प्यासा ही रह ,पपीहा सा हुआ जाता है। प्यासा मन प्यासा ही रह ,पपीहा सा हुआ जाता है।
कुदरत के , करिश्माई नाजारों का नाम है.... "हिमाचल" कुदरत के , करिश्माई नाजारों का नाम है.... "हिमाचल"
हँसकर जिना सिखो जिंदगी रोकर ना मायूस हो ! हँसकर जिना सिखो जिंदगी रोकर ना मायूस हो !