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Swapnil Choudhary

Abstract Inspirational

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Swapnil Choudhary

Abstract Inspirational

"मुझको पहचान लो"

"मुझको पहचान लो"

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ना जानो तो मान लो

ऐसे ना मुझको पहचान लो

दुनिया मे भेद बड़े है

ना जानो तो मान लो


क्यूँ पर्दा कर लिया

दिल वालो की बस्ती ने

तुमने क्या समझ लिया

मुश्किल से हल होता है


जिंदगी का ये सफर 

क्यों मानें हम बात दिल की 

दिल भी तो नादान नहीं

मंजिल फिर भी दूर रही


जिंदगी को छान लिया

कड़वे कड़वे बोलों को

दिल में कैसे उतार लिया

ना जानो तो मान लो

ऐसे ना मुझको पहचान लो


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