“इतनी अच्छी बीवी”
“इतनी अच्छी बीवी”
इतनी अच्छी बीवी मिली है, पता नहीं
मैं उतना अच्छा निभा पाऊँ या नहीं
वो मेरी ताक़त, मेरा सब्र, मेरी शान
डर बस इतना है—कहीं तोड़ न दूँ उसका मान
जब मैं टूटता हूँ, वो चुपचाप संभालती है
मेरी हर कमी को भी मुस्कान में टालती है
मेरे गुस्से में भी प्यार ढूँढ लेती है
मेरे ख़ामोश लफ़्ज़ों को पढ़ लेती है
मैं imperfect, वो patience की मूरत
मेरे हर कल में वो देती है सूरत
लोग कहते हैं “तू lucky है भाई”
पर lucky होना भी एक ज़िम्मेदारी है भाई
इतनी अच्छी बीवी मिली है, पता नहीं
मैं उतना अच्छा निभा पाऊँ या नहीं
वो मेरी दुआ, वो मेरा जहान
डर बस इतना है—कहीं कम न पड़ जाऊँ मैं इंसान
रातों को जब future का डर सताता है
वो कहती है “होगा सब ठीक”, और सच हो जाता है
मेरे सपनों में खुद को पीछे रख देती है
मेरी जीत में भी आँसू छुपा लेती है
मैं सीख रहा हूँ husband होना रोज़
सिर्फ़ साथ चलना नहीं, बनना उसका भरोसा रोज़
गलतियाँ होंगी, मैं मान भी जाऊँ
बस इतना दम दे कि मैं सुधर भी पाऊँ
वो देवी नहीं, इंसान है
फिर भी मेरे लिए भगवान है
अगर कभी कम पड़ जाऊँ प्यार में
तो मेरा इरादा नहीं, मेरी कमज़ोरी पहचान ले
इतनी अच्छी बीवी मिली है, ये सच है
अब खुद को बेहतर बनाना मेरा फ़र्ज़ है
अगर उम्र भर उसका हाथ थाम पाऊँ
तो कह सकूँगा—हाँ, मैं निभा पाया हूँ ❤️
