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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Tragedy

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance Tragedy

तेरी याद में

तेरी याद में

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जीवन बिता रहा हूँ, तेरी मधुर यादों में,

अकेला हो गया हूँ, इश्क की इस राहों में।

ख्वाबों में देखता हूँ, तुझे रोज़ रोज़ रातों में,

नींद में से उठता हूँ, बस तेरे ही ख्यालों में।

सामने खड़ी देखता हूँ, छू सकता नहीं तुझे मैं,

दिल से तड़पता हूँ, तेरे हुस्न की मदहोशी में।

तेरे लिये तरसता हूँ, हर धड़ी और हर पल मैं,

इश्क में जल रहा हूँ, दिन रात तेरे विरह में।

बाट देख रहा हूँ, क्यूं देर करती हो आने में

महफ़िल सजाई है" मुरली", इश्क के रंग महल में।



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