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Vijay Kumar parashar "साखी"

Romance

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Romance

तेरी तड़प

तेरी तड़प

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यूँ तड़पे हैं सनम तेरी याद में

जैसे सावन में जले हैं आग में,

तुम याद आते हो सनम इतना

इस साखी को सांसो के जितना,

यूँ तन्हा ही कट जायेगी जिंदगी

लेकिन तेरी यादों की बारात में।



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