STORYMIRROR

Dr. Chanchal Chauhan

Action Inspirational Children

4  

Dr. Chanchal Chauhan

Action Inspirational Children

तेरे गिरने में तेरी हार नहीं

तेरे गिरने में तेरी हार नहीं

1 min
31

उठाना गिरना प्राकृतिक स्वभाव है

 जैसे सुबह ओस गिरती है

 दोपहर में धूप गिरती है

 शाम को छांव गिरती है 


इस तरह जीवन में गिरने उठने का क्रम

 अनवरत जारी है

 सभी लोग गिरते हैं जीवन में अनेक बार

 पर कुछ बहुत  ऊपर उठ जाते हैं 

और कुछ वहीं पर रह जाते हैं


और कुछ उठने का उपक्रम करते है

 कुछ भी हो जिंदगी में सिर्फ 

गिरावट नहीं आनी चाहिए

 गिरकर उठने में काहे की शर्म

 और काहे का भय


 माना कि जिंदगी में गिरावट का दौर ज्यादा है

पर उठने को किसने रोका है

 अरे वह तो उठ गया जो फिसल कर गिरा था

 पर वह ना उठ पाया जो कर्म से गिर गया था 

पर वह भी ना उठ पाया जो मन से गिर गया था

तेरे गिरने में तेरी हार नहीं 

तू इंसान है अवतार नहीं 

गिर कर उठ, चल, दौड़ फिर भाग

 क्योंकि उठने में ही  जीत  है ।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action