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Komal Kamble

Tragedy Action Inspirational

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Komal Kamble

Tragedy Action Inspirational

तेजाब

तेजाब

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ना माना कहना उसका

तो उसने चेहरे पर तेजाब फेंक दिया

इस गुुनाह की पनाह लेेकर उसने

मेेरे सपनों और खुशियों को बदसूरत कर दिया


कहता था मुझसे प्यार करो

वरना तुम्हें कर दुंगा मैं बर्बाद 

क्या कहूं उसकी सोच को

इसे अगर प्यार कहते है


मैं दुआ करती हूं ईश्वर से

ऐसा कभी किसी के साथ होने ना देना

जिस तरह टूटे है मेरे सपने

किसी और के ख्वाबों को टूटने ना देना


इस वाकियेने

मेरे हौसलों को ही तोड़ दिया

दर्पण में देखा जब चेहरा अपना

तब लगा कि मेरा वजूद ही मिट गया


एक वक्त ऐसा लगा कि

खुद की सांसें रोक दूं

मेरी पहचान ही अगर मिट गई है

तो फिर मैं क्यों जिऊं।


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