सत्य का मानक क्या है ?
सत्य का मानक क्या है ?
थिरकना है जिनको दूसरों के इशारे पर,
जो सत्य सनातन को मिटा चुके आज हैं !
सच की सही समर्थ बानगी दिखा सके जो,
ऐसा सदगुणी व सदाचारी किसका मिज़ाज़ है !
जग के नियम ना चले सुचारु ऐसा समाचार है,
मिथ्यावादी को आज देखो बना हुआ सरताज़ है !
हाहाकार सा मचा हृदय में भय व्याप्त है मन में,
नित्य सत्य का पथिक आज बना हुआ मोहताज है !
सर्वत्र दुराचार को प्रश्रय ही बना हुआ पुखराज है,
घर भेद बाहर करे आज भी विभिषण बना हमराज है !
