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Abha Chauhan

Abstract Romance

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Abha Chauhan

Abstract Romance

सर्द हवाएं

सर्द हवाएं

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यह ठंडी सर्द हवाएं,

मुझे तेरी याद दिला रही है

अपनी ठंडे-ठंडे झोंके से

मेरे बदन को जला रहे हैं


याद आते हैं मुझे

तेरे साथ बिताए पल

मच गई है मेरे जिगर में

कुछ अजीब सी हलचल


भुलाए नहीं भूलते

जब गुनगुनाते थे तरन्नुम

मोहब्बत में मदहोश होकर 

आंखों में हो जाते थे गुम


तेरी दिलकश अदाओं के

बेइंतहा कायल थे हम

बेपनाह मोहब्बत में डूबे थे

इश्क में घायल थे हम


तेरी बिखरी हुई जुल्फों में

छुपा लेते थे अपना मुंह

तुझ से इस कदर

एक हो गई थी हमारी रूह


तुम दूर क्या हुए

खुशियां बेवफा हो गई

तुम्हारी यह बेरुखी

जिंदगी की सजा हो गई



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