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Aditi Vats

Tragedy Classics Thriller

4  

Aditi Vats

Tragedy Classics Thriller

सफर

सफर

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बहुत मुश्किलों से भरा है 

बहुत तकलीफ़ भरा है 

बहुत दर्दनाक सा है 

सफर ये अपने ही लोटने का ।


काटो भरा है 

पानी भरा है 

मुश्किलों भरा है 

सफर ये अपने ही घर लोटने का।


हमारी जुबान कुछ नही कह रही 

हम कुछ नही कह रहे 

हमारे खून भरे कदमों के निशान ये कह रहे 

हमारी दर्दनाक कहानी ये बयां कर रहे।


हर सफर खूबसूरत नहीं होता 

हर सफर अच्छा यादगार नहीं होता 

हमसे आकर पूछो 

सफर ये अपने ही घर लौटने का।


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