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Kavita Agarwal

Tragedy

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Kavita Agarwal

Tragedy

संवेदना

संवेदना

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वतन का नाम लेते ही गर्व होता हैं 

सीना तान अपना एक अलग गुरुर होता हैं

पर जब खबर पड़ती हूं अखबार में

बेचैनी हो जाती है बुखार में


दो साधुओं को मार गिराया

हिंदू मुसलमान अलग है यह जताया

देश हमारा एक है

एकता का प्रतीक है


फिर कहां से आई इतनी नफरत

सोचा ना लठ चलाते समय एक कफरत

समय बहुत भारी है

साथ होना जरूरी है


हिंदू मुस्लिम भाई भाई

सबका मालिक एक है कहते हैं साईं

भाई मेरे प्रेम बाँटो

जियो और जीने दो रास्ता ना काटो।


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