End of Summer Sale for children. Apply code SUMM100 at checkout!
End of Summer Sale for children. Apply code SUMM100 at checkout!

संभाल के बैठे हैं !

संभाल के बैठे हैं !

1 min 161 1 min 161

उनसे बिन 

बात किये बिना 

बड़ा मुश्किल है, 

एक पल भी 

रह पाना, 

नामुमकिन है। 


ये गम जुदाई का 

सह पाना, 

संभाल के बैठे हैं 

कब से हम, 

अपने जज्बात को,

दिल ही दिल में 

पनपने दे रहे हैं। 


ख़्यालात को, 

इंतज़ार कर रहे हैं, 

उसके आखिरी 

सवालात को, 

दूभर हो गया है। 


अब तो 

मेरा जीना, 

उनसे बिन 

बात किये बिना 

बड़ा मुश्किल हैं। 

एक पल भी 

रह पाना !


Rate this content
Log in

More hindi poem from Rajit ram Ranjan

Similar hindi poem from Romance