सिंदूर
सिंदूर
एक चुटकी सिंदूर..
तुम क्या जानो.... पतिदेव
हमारी जिंदगी होता है..
हमारा प्यार होता हैं..
हमारा सब कुछ होता हैं!
सुबह भी तुम्ही से शुरू होता है,
शाम भी तुम्ही पर न्योछावर होता हैं!
दूर जाते हो काम से तो..
दिल हमारा दहल जाता हैं..
आपकी फिकर और चिंता में..
इंतज़ार भी तुम्हारा ही होता हैं;
जब तुम वापिस आते हो अपने घर..
एक सुकून सा दे जाता है.. हमारे जीवन में .
तुम्ही से आस है.. जीवन में तुम्ही खास हो..
तुम्ही हमारे हमदर्द और प्यार भी
और इकरार भी तुम्ही हो..
जीवन संगम का हमारे मनमीत हों!

