Manjul Singh
Tragedy Crime Fantasy
सब सिलवटें एक
जैसी नहीं होती
सबका अपना अपना
अभ्यास होता है
जैसे--
बिस्तरों पर रहती सिलवटें,
कपड़ो में पड़ी सिलवटें,
औरत के जिस्म पर बनायीं सिलवटें
और आदमी के माथे पर
खीची सिलवटें !
डॉक्टर और साह...
मतदान
तलाक
है !
तबायफखाना
कुत्ते
मैं क्यों लिख...
चल, चल रे किस...
नेता जी, नेता...
मुखौटा
जिस के लिए लाएं थे..... वो उससे ही नाखुश है। जिस के लिए लाएं थे..... वो उससे ही नाखुश है।
आधुनिकता की चकाचौंध से, इन्हें अब खुद ही बचना होगा। आधुनिकता की चकाचौंध से, इन्हें अब खुद ही बचना होगा।
भागता रहा,मैं तो बस यूँ ही जिंदगी भर खुद को तलाशता रहा,यूँही बाहर उम्र भर! भागता रहा,मैं तो बस यूँ ही जिंदगी भर खुद को तलाशता रहा,यूँही बाहर उम्र भर!
अंदर से तुम वैसे हीं हो, पहले जैसे तुम होते थे पर अब जैसे हम मिले हैं तुमसे, हम पहले अंदर से तुम वैसे हीं हो, पहले जैसे तुम होते थे पर अब जैसे हम मिले हैं तुमसे,...
जलकर एक दिन राख हो जाना यही मूल्यवान अर्थ है। जलकर एक दिन राख हो जाना यही मूल्यवान अर्थ है।
लेकिन निजामशाही बेगम ने मांगा था अभयदान. लेकिन निजामशाही बेगम ने मांगा था अभयदान.
देह से औरत मगर ज़िम्मेदारी से पुरुष उसके हिस्से की धूप भी सहती है। देह से औरत मगर ज़िम्मेदारी से पुरुष उसके हिस्से की धूप भी सहती है।
मैं भी था आजादी का मतवाला। छोड़ किताबें जुड़ गया जंग में। मैं भी था आजादी का मतवाला। छोड़ किताबें जुड़ गया जंग में।
वो तो तुमसे कभी दूर नहीं रहता फिर क्यों उसे दूर कर तड़पा रही हो वो तो तुमसे कभी दूर नहीं रहता फिर क्यों उसे दूर कर तड़पा रही हो
गर्व है इस पर अब सफलता का परचम लहराना है ..!! विश्वगुरू बनाना है...विश्वगुरू बनाना है. गर्व है इस पर अब सफलता का परचम लहराना है ..!! विश्वगुरू बनाना है...विश्वगुरू ...
बेटियां बहुत ही प्यारी ,माता-पिता को प्यार करने वाली , जिम्मेदार व समझदार होती हैं । बेटियां बहुत ही प्यारी ,माता-पिता को प्यार करने वाली , जिम्मेदार व समझदार होत...
हो आखिरी शाम का ताकाजा, बेखबर जिंदगी गुजार रहा हूं। हो आखिरी शाम का ताकाजा, बेखबर जिंदगी गुजार रहा हूं।
दुनिया का हाल देख के तू भी रोने लगा मिट गये जज़्बात मेरे दुनिया का हाल देख के तू भी रोने लगा मिट गये जज़्बात मेरे
घर वालों को भी था उनकी दोस्ती पर नाज मगर न जाने क्यों दोनों की दोस्ती में आ गई दरार। घर वालों को भी था उनकी दोस्ती पर नाज मगर न जाने क्यों दोनों की दोस्ती में आ...
आज सावन की पहली बारिश ने खेत-खलियानों को तरोताजा सा कर दिया। आज सावन की पहली बारिश ने खेत-खलियानों को तरोताजा सा कर दिया।
जिंदगी भर दौलत कमाने में लगे रहे भांति भांति की योजनाएं बनाने में लगे रहे। जिंदगी भर दौलत कमाने में लगे रहे भांति भांति की योजनाएं बनाने में लगे रहे।
जिन्हें यहां पर मैंने दिया,सहारा उन्ही लोगो ने कर दिया,बेसहारा। जिन्हें यहां पर मैंने दिया,सहारा उन्ही लोगो ने कर दिया,बेसहारा।
मुझ पर भी बाबा में जादू कर दिया था ऐसा अब सब लोग मानते हैं ..!! मुझ पर भी बाबा में जादू कर दिया था ऐसा अब सब लोग मानते हैं ..!!
इस पृथ्वी लोक पर उसे अपने मुताबिक चंद सांसे जीने दो। इस पृथ्वी लोक पर उसे अपने मुताबिक चंद सांसे जीने दो।
पुरूष क्यूँ रो नहीं सकता? भाव विभोर हो नहीं सकता। पुरूष क्यूँ रो नहीं सकता? भाव विभोर हो नहीं सकता।