STORYMIRROR

Radha Shrotriya

Romance Fantasy

4  

Radha Shrotriya

Romance Fantasy

सीली_हवा

सीली_हवा

1 min
45

सीली-सीली हवा ने जब 

दामन मेरा छुआ 

यूँ लगा जैसे मुझे 

याद तूने किया ! 


महक उठे सारे नज़ारे, 

मौसम ने किये इशारे 

आ लौट आ दिलरुबा ! 

सीली-सीली हवा ने जब 

दामन मेरा छुआ।


यूँ लगा जैसे मुझे याद तूने किया !

रात चाँद आस्माँ पर खिला 

चाँदनी ने मेरे चेहरे को छुआ 

मखमली लबों की छुअन से तेरे 

तन-मन कस्तूरी सा महकने लगा !


सीली-सीली हवा ने जब 

दामन मेरा छुआ...

यूँ लगा जैसे मुझे याद तूने किया !

बहकी-बहकी रुत 

बहके हैं सारे नज़ारे.. 


खो जायें इक दूजे में हम 

मौसम ने भी किये हैं इशारे 

आ लौट आ दिलरुबा ! 

सीली-सीली हवा ने।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance