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Abha Chauhan

Romance

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Abha Chauhan

Romance

श्याम तेरी बंसी

श्याम तेरी बंसी

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राधा नाच रही आंगन में

श्याम बंसी बजाए रे

तोहे नाचना नहीं आवत है

कह के श्याम सताए रे


आड़ा टेढ़ा नाचत है तू

मैं तोहे नाच सिखाऊ रे

कह कर के ऐसा राधा को

श्याम नाच दिखाए रे


राधा को छेड़-छेड़ कर

श्याम मन में मुस्काए रे

नाच देख हॅंसत हॅंसत

टेढो मुंह बनाए रे


ना- ना कहकर गोपियां

श्याम संग रास रचाए रे

रास करत करत देखो

रतिया बीती जाए रे


बांसुरी की मधुर तान पर 

गोपियों को कृष्ण नचाए रे

मन के सबको मोह लिया

श्याम ऐसी बंसी बजाए रे।


   


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