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Amit Kumar

Drama

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Amit Kumar

Drama

शुभकामनाएं

शुभकामनाएं

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आपके हर अंदाज़

सर आंखों पर लिए हमने

आपसे ही कुछ ख़्वाब

यूँ बुन लिए हमने

आप ही की रहनुमाई


पाई है दर बदर

हर गली नुक्क्ड़ पर

आपका ही चर्चा

जाने कितनों की जान हो

कितनों का मान


आप है

आप शायद भूल गए

पर आपके चाहने

वालों को याद है

आपकी हर अदायगी पर

अपनी भी दाद है


तुम बॉयफ्रेंड बनकर आये थे

फिर फूल और पत्थर भी

तुम्हें भाये थे यहां

देवर भी तुम्हें थे

हक़ीक़त में 


तुम्हें थे धर्म वीर

तुमसे ही बहारें भी आएगी

तुम ही लाओगे

धरा पर आया सावन झुमके

पपीहा भी तुमसे कहता है


आये दिन बहार के

ग़ुलामी की जंजीरों को तोड़कर

तुमने फ़रिश्ते बनकर

किया था बटवारा

तुम्हारी यही आज़ाद


जुगनू छवि तुम्हें

माँ की छांव सी मिली

कहानी किस्मत की

सुनते आए हम भी यहां

अलीबाबा चालीस चोर से

ग़ज़ब के शोले से लेकर


बने यमला पगला दीवाना 

तुम यहाँ 

कहने को बहुत से नाम है

तुम्हारी शौहरत के

मगर हम जान जाएंगे


उनको भी तुम्हारी

मुहब्बत में

 आपके जंवा अंदाज़

पर बहारें भी मुस्कुराएं

हमारी तरफ से


मुबारक़ हो आपको

जन्मदिन और

जन्मदिन पर हमारी 

और से आपको 

हार्दिक शुभकामनाएं।


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