STORYMIRROR

Renu Sahu

Drama

4  

Renu Sahu

Drama

श्री राम

श्री राम

1 min
81

नवमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र..

प्रभु अवतरित अयोध्या नगरी

मर्यादा पुरुषोत्तम की कथा 

बनाये शास्वत कर्म फल भोगी


मानव जाति दर्पण दिखलाये 

करुणा निधि, सनातन लोगन की

स्नेह, सत्य धर्मावलंबी..

रघु वंशी, दुष्ट नाशक करनी 


धीर गम्भीर प्रजा प्रिय राजा

हरो कुबुद्धि, संत सनातन की 

मिटे अंधियार प्रकाश पुंज जो 

सहारे तुम्हारे हम सब पे परही 


धनुर्धरी, हे रघुवर राम 

पतित पावन सीता राम

सत्य निष्ठ, कर्मठ महायोगी

धर्मात्मा, प्रजा पालक जोगी


जन जन सत्कर्म सिखाये राम

पतित पावन सीता राम

रघुवंशी है राजा राम

पतित पावन सीता राम।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama