STORYMIRROR

GUDDU MUNERI "Sikandrabadi"

Classics Fantasy

4  

GUDDU MUNERI "Sikandrabadi"

Classics Fantasy

शाखा

शाखा

1 min
305

मैं रहूं हमेशा तेरे संग

तेरे नाम से ही मेरा नाम हो...1


हम कभी अलग न हो 

तेरे काम से ही मेरी पहचान हो...2


जहां जहां तुम चलो 

वहां वहां मैं चलू...3


जहां जहां तुम्हारे फूल हो 

वहां वहां मैं डाल बनू ...4


बढ़ते रहो तुम हमेशा यूंही 

तुम ही तो मेरी जान हो...5


मेरे नाम को रोशन किया 

वो मेरा मान सम्मान हो...6


पेड़ की जैसे कई शाखा हो 

वो तुम्हारा सहारा बनी रहू...7


हरपल बस तुम्हारे साथ गुजारू

मैं तुम्हारी साहिबा बनूँ रहूँ ...8


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics