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Sandeep Kumar

Tragedy

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Sandeep Kumar

Tragedy

सड़क पर चलना मुश्किल है

सड़क पर चलना मुश्किल है

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आधा सड़क सरकार का

आधा सड़क ठेकेदार का

उससे जो बचा जमीनदार का

उससे भी जो बचा गरीब परिवार का।।


क्या करें लोग कैसे चलाएं गाड़ी

सड़क पर नि:ह टेंशन मान कर

माल भैंस गरू रेहड़ी सब लगा देते हैं

ऐसे जैसे बाप का है सीना तान कर।।


उसके बाद खुद बैठ जाते हैं 

बीच सड़क पर थेथर इंसान बन कर

हौरन बजाते रहीए सुनते रहेगा सब

रजिस्ट्री किया हुआ है जैसे मान कर।।


बेचारा यात्री चलेगा चलाए वाहन कैसे

अपना और दूसरों का नुकसान कर

इसीलिए 10 मिनट के जगह 

10 घंटा लगाता खुद का नुकसान कर।।


सड़क पर चलना मुश्किल है

चलेगा तो जीवन दान कर

नहीं तो ठोकर लगा मर गया तो मार देगा 

बिना गलती सही देखे हैवान बन कर।।



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