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सब तुम्हारे

सब तुम्हारे

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नरम आग़ोश तेरे

सुर्ख़ लब हैं तुम्हारे

ज़ुल्फे हैं काली काली

चेहरा गन्दुम से तेरे

बोलती जब सनम तुम

होंठ हिलते तुम्हारे

सादगी है क़यामत

हुस्न जलवा तुम्हारे

आज बादल ने कैसे

ज़ुल्फ़ तेरे संवारे

तुम परी ख्वाब मेरी

नयन करते इशारे

बोल दो दिल की बातें

दिल भी तुमको पुकारे

कौन मेरा तेरे बिन

लम्हे चाहत तुम्हारे

नाज़ तुम पर मुझे है

धड़कन तुम हमारे

क्या बताना है तुमको

फलसफा ख्वाब सारे

साथ मेरे चलो अब

मंज़िल तुम को पुकारे

आसमान घर हो तेरा

चाँद - सा रूख तुम्हारे...


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