STORYMIRROR

रोशन नवघरे

Drama Romance

3  

रोशन नवघरे

Drama Romance

रास्ते कुछ इस तरहसे चल रहे थे

रास्ते कुछ इस तरहसे चल रहे थे

1 min
311

रास्ते कुछ इस तरह से चल रहे थे कि मैं रोक नहीं पाया

ख़ुशी के पल भी ऐसे आये की मैं रोक नहीं पाया


पर क्या कहूँ कि वे पल कुछ इस तरह से आये कि, मन को भा गये  

कुछ उमीद नहीं थी पाने की, मगर जिन्दगी बहुत कुछ दे गई


रास्ते कुछ इस तरह से चल रहे थे कि मैं रोक नहीं पाया

रास्ते आते है, और चले जाते हैं,

 

दोस्त भी कुछ इस तरह से आते हैं और चले जाते हैं, 

मगर जाते-जाते बहुत कुछ दे गये


रास्ते आते हैं और जाते हैं, देते कुछ भी नहीं,

 पर बहुत कुछ दिखा जाते


दोस्त रास्ते के जैसे जिन्दगी में आते हैं

और यादें दिल में छोड़ जाते हैं।

रास्ते कुछ इस तरह से चल रहे थे कि मैं रोक नहीं पाया।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama