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रोशन नवघरे

Romance Others

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रोशन नवघरे

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मेरे दिल के ख्यालात ...

मेरे दिल के ख्यालात ...

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कुछ ख्यालात थे दिल में मगर दिल के बाहर ना निकाल सके...

अक्सर कुछ ख्यालात दिल के बाहर आने से दिल टूट जाते है...

कुछ ख्यालात थे दिल में मगर दिल के बाहर आ ना सके ...

अक्सर कुछ बाते दिल के बाहर आने से रिश्ते टूट जाते है...

कुछ ख्यालात थे दिल के दिल में ही रह गये...

आरजू थी मिल के ख्यालात बाटूँ दिल के..

मगर ख्यालात बाटने की तो दूर,

पर ख्यालात दिल के बाहर भी ना निकल सके...

आरजू थी मिलने की मगर मुलाकात हो ना सकी...

ख्यालात थे दिल के, दिल के बाहर आ ना सके...



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