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Dr. Shubhra Maheshwari

Drama

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Dr. Shubhra Maheshwari

Drama

दो मुक्तक

दो मुक्तक

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जिंदगी हरपल नया सबक सिखा जाती है

हालात दिखा नये नये रंग दे जाती है।

रूप आकार बस बदल कर दोस्तों,

हर बार एक नया तीर छोड़ जाती है!!


जो अपने लिए हमदर्द बताते थे ।

बार बार हमें बात बात पर जताते थे।।

दुख के समय में हालचाल भी न लिया,

जो हमारे लिए पलकें बिछाते थे।।



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