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Vijay Kumar parashar "साखी"

Drama Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Drama Inspirational

"हनुमान जी का जन्मदिन"

"हनुमान जी का जन्मदिन"

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प्रतिवर्ष ही चैत्र शुक्ल पूर्णिमा के पवित्र दिन

मनाते है, हम लोग हनुमान जी का जन्मदिन


इसी दिन आए, बालाजी हिंद की पुण्य धरा पर

चिरंजीवी होने से आज भी है, वो इस धरा पर


उनके जन्म, को जयंती नही जन्मोत्सव कहते हैं

क्योंकि आज भी बालाजी हमारे बीच ही रहते हैं


सीता माता के हनुमानजी आप हो, बड़े ही दुलारे

प्रभु श्री राम जी के आपने तो काटे संकट ही सारे


प्रभु श्री राम के हनुमानजी आप बहुत ही चहेते है

संकटमोचन महाबली हनुमानजी, आपको कहते हैं


जहां पर कीर्तन होता रहता प्रभु श्री राम का

वहां पर उपस्थित होता भक्त प्रभु श्री राम का


जब हो जाओ चहुँओर से आप लोग निराश

आप चले आना एक बार बालाजी के पास


थोड़े नहीं पूरे ही विश्वास के साथ कहता हूं

हनुमत भक्ति से दुख में भी हंसता रहता हूं


हनुमान चालीसा का पाठ करें जो खुश होकर

वह अपनी जिंदगी में खाता नहीं कभी ठोकर


जो व्यक्ति सच्चे मन से चढ़ाए बालाजी के चोला

उसे स्वयं खुशियों ने आकर खुश रहने को है, बोला


शनि, मंगल बालाजी को जो गुड़, चना भोग लगाए

वो मनुष्य तो फिर अपना मन वांछित फल पाए


जो भी इस दिन सच्चे हृदय से करें सुंदरकांड पाठ

वो प्रभु श्री राम, मां सीता आशीर्वाद पाए, एकसाथ


हनुमान जी के जन्मोत्सव पर, झूमे, नाचे, ओर गाएं

बालाजी का जन्मदिन, मिलकर धूमधाम से मनाएं


आओ इस बार, बालाजी की भक्ति में, ऐसे खो, जाएं

जैसे समंदर के जल में एक नदी, प्रेम मे समां जाएं


बालाजी का नाम सांस-सांस में, हम यूं रटते जाएं

ताकि इसबार बालाजी खुद, हमसे मिलने आ जाएं



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