STORYMIRROR

Vinayak Ranjan

Action

4  

Vinayak Ranjan

Action

सात्विक मैं.. सात्विक मैं..

सात्विक मैं.. सात्विक मैं..

1 min
108

सत्य का पथिक मैं

नए अन्वेषणों से जूझता

सात्विक मैं सात्विक मैं

प्रचंड विह्वल विद्वेषणा


मेघनाद की गर्जना

मूर्धन्य अभिसप्त सी विवेचना

असीम रचवक्र से रथ लपट

सात्विक मैं सात्विक मैं


प्राकट्य से विभोर तक

अभिमंचनाओं का प्रथम स्पर्श

पूर्ण ज्ञान को स्खलित

पुलकित पुष्पित मेरा दर्श


सात्विक मैं सात्विक मैं

भृकुटियाँ तनी सनी

मृदंग मिनाक्ष सी अपनी काया

कटिप्रदेशों में भटक रहा


एक जठर अग्निवेश की ये माया

सात्विक मैं सात्विक मैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action