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अमित प्रेमशंकर

Romance

4  

अमित प्रेमशंकर

Romance

साथिया तेरे नैनन ये दिल ले गई।

साथिया तेरे नैनन ये दिल ले गई।

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साथिया तेरे नैनन ये दिल ले गई

जो सजी थी अभी महफ़िल ले गई।


इश्क़ में खो गया, तार टूटे मेरे 

सुर बिखरे मेरे, ताल टूटे मेरे 

राग भंवरे का फिर वो कली ले गई 

जो सजी थी अभी महफ़िल ले गई।


थी तमन्ना कि गाता घड़ी दो घड़ी 

नैन दोनों के ऐसी लड़ी कि लड़ी 

शायरों की पुरानी गली ले गई 

जो सजी थी अभी महफ़िल ले गई।



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