STORYMIRROR

usha yadav

Romance

4  

usha yadav

Romance

दिल में एक तस्वीर

दिल में एक तस्वीर

1 min
365

दिल में एक धुंधली सी तस्वीर

उभर कर जब भी सामने आती है।


हर बार तेरे पास होने का एहसास 

इस दिल में जगा जाती है।

 

देख तो सकता हूं मैं इसे 

पर तेरे जैसा ये सुकून 

दे पाती नहीं है।


बातें तो यूं ,ये करती बहुत है 

पर तेरे जैसा यह मुझे चाहती नहीं है

 

तुम मुझे छोड़ कर चली थी 

बेगाना बना कर पर

ये मेरी तन्हाईयों में मेरा साथ 

निभाती जरूर है।


दिल में एक धुंधली सी तस्वीर 

उभर कर जब भी सामने आती है

तेरा वो प्यारा सा मुखड़ा मेरी 

तड़पती रगो को और तड़पा 

कर चली है।

 

दिल में जब भी एक तस्वीर 

उभरकर जब भी सामने आती है



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance