STORYMIRROR

usha yadav

Inspirational

3  

usha yadav

Inspirational

कवि

कवि

1 min
149

एक कवि 

जब कभी कविता लिखता है

तो वह कविता नहीं


कल्पनाओं को उन

भावों रूपी शब्दों को 

मोती समान माला में 

गुथता है….

 

जो बैठे, अकेले एक कोने में

विचारों की विलीनता से 

सृजित होते हैं 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational