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Kaushik Dave

Drama Romance

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Kaushik Dave

Drama Romance

साइकिल

साइकिल

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संग उसके मैं बैठी,

करती साइकिल सवारी,

चलती मैं कॉलेज जब,

पिया बैठे पीछे भारी,

ना उसे साइकिल आती,

ना प्यार जताना,

ना ज़बरदस्ती थी,

पर ... धीरे धीरे ,

चलती रही हमारी,

प्रेम कहानी,


आज चलाते वो बाइक,

पीछे मैं बैठती,

जब जब,

लहराता दुपट्टा मेरा,

छुता उसके मुख पर,

हँसकर वो बोले,

साइकिल गति से चली,

हमारी प्रेम कहानी,

आज भी जब मैं,

साइकिल चलाती,

पियाजी बैठते पीछे भारी,

चलती रही हमारी प्रेम कहानी...



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