Hemisha Shah
Romance
तन्हा था मैं
रास्ता चल रहा है कोई
धीरे धीरे ज़िंदगी में
उतर रहा है कोई
क्या तिशनगी थी मन में
जल रहा है कोई
क्या कशिश क्या दिल्लगी
फिर से यहाँ पिघल रहा है कोई
बेवक़्त की ज़िंदगी से आज
संभाल रहा है कोई।
अनजाना....
परियाँ....
बचपन....
यात्रा
वही तो प्रेम ...
याद..(शहीदों ...
अच्छी है दूरि...
एक माँ ...
विधाता तेरी क...
अन्नदाता..( f...
तेरे इश्क की मैँ , सबको क्या मिसाल दूँ , किसी को अपने इश्क का ,बोलो क्या जवाब दूँ ? तेरे इश्क की मैँ , सबको क्या मिसाल दूँ , किसी को अपने इश्क का ,बोलो क्या जवाब...
कोई मूर्ति तुमको दे दूं ईश्वर का रूप हो न्यारा कोई मूर्ति तुमको दे दूं ईश्वर का रूप हो न्यारा
मुझसे बड़ा पूछते हो कि मुझे कॉल नहीं करती है मुझसे बड़ा पूछते हो कि मुझे कॉल नहीं करती है
तू चाहता है ....., मैं बैठी रहूं तेरे सामने तू चाहता है ....., मैं बैठी रहूं तेरे सामने
उसी के साथ घूमता था इधर उधर, उसी से मैं मन की बात कहता था। उसी के साथ घूमता था इधर उधर, उसी से मैं मन की बात कहता था।
हमारे साथ किसी का होना ठीक नहीं मेरा अकेला तुम्हें छोड़ जाना ठीक नहीं। हमारे साथ किसी का होना ठीक नहीं मेरा अकेला तुम्हें छोड़ जाना ठीक नहीं।
छू लिया सजन तूने रूह को बन हमकदम। छू लिया सजन तूने रूह को बन हमकदम।
आंखों की गहराई को लिखने जाऊं, तो जुल्फें अपनी और खींचे। आंखों की गहराई को लिखने जाऊं, तो जुल्फें अपनी और खींचे।
आज भी लिख हथेली पर नाम मेरा मेहंदी से उसे छुपाते तो होगे। आज भी लिख हथेली पर नाम मेरा मेहंदी से उसे छुपाते तो होगे।
हां माना थोड़ी पेचीदा है वो। मेरी हर कसम की गीता है वो। हां माना थोड़ी पेचीदा है वो। मेरी हर कसम की गीता है वो।
मैं लफ्जों से कुछ भी इजहार नहीं करता, इसका मतलब यह नहीं कि मैं उससे प्यार नहीं करता! मैं लफ्जों से कुछ भी इजहार नहीं करता, इसका मतलब यह नहीं कि मैं उससे प्यार नह...
तेरी साँसों की सरगम पर मैं अपने प्राणो का विश्वास लिखूं। तेरी साँसों की सरगम पर मैं अपने प्राणो का विश्वास लिखूं।
चाहत भी कितनी अजीब है ना रूकती है ना थमती है। चाहत भी कितनी अजीब है ना रूकती है ना थमती है।
घटाएं सावन की काली घिर के ऐसे आ गई रात अंधियारी को फिर गहरा घना बना गई। घटाएं सावन की काली घिर के ऐसे आ गई रात अंधियारी को फिर गहरा घना बना गई।
तेरा हसँता हुआ सा चेहरा, मेरे अच्छे दिन की निशानी है। तेरा हसँता हुआ सा चेहरा, मेरे अच्छे दिन की निशानी है।
थोड़ा भंग चढ़ा लेना होली के बहाने से। थोड़ा भंग चढ़ा लेना होली के बहाने से।
किसी डायरी के पन्नो पर लिखे दबे हुए से हैं मेरे वो अनकहे शब्द। किसी डायरी के पन्नो पर लिखे दबे हुए से हैं मेरे वो अनकहे शब्द।
गम के साए में भी हमने तो, उनके इंतजार में दम ना तोड़ा। गम के साए में भी हमने तो, उनके इंतजार में दम ना तोड़ा।
क्या ज़माना क्या फ़साना गाँव वाले है कहेगें मैं नहीं हूँ क्या यहाँ पर ग़ैर को वो क्यो दे क्या ज़माना क्या फ़साना गाँव वाले है कहेगें मैं नहीं हूँ क्या यहाँ पर ग़ैर को व...
जिंदगी, क्या है? समय का गुजरना मिलकर बिछड़ना। जिंदगी, क्या है? समय का गुजरना मिलकर बिछड़ना।