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sadhna Parmar

Romance Classics Fantasy

4  

sadhna Parmar

Romance Classics Fantasy

रूह का मिलन

रूह का मिलन

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जब इश्क़ होता है तब निंदे उड़ जाती है,

भूख और प्यास नहीं लगती,


आयने के सामने मुस्कुराकर देखते रहना,

मन हीं मन में बड़बड़ाते रहना, 


दिल की धड़कन कुछ तेज चलती है,

उसे सामने देखते हीं साँसे थम जाती है,


नजरों से नजरों का सामना होता है,

रूह से रूह का मिलन होता है।


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