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sadhna Parmar

Romance

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sadhna Parmar

Romance

हक़ नाहक़ तो नहीं

हक़ नाहक़ तो नहीं

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तुम्हें अपने से ज्यादा मोहब्बत करती हूँ,

तुम्हें इस बात से कोई परेशानी तो नहीं ना ??

अपने से पहले हर बार तुम्हारे बारे में सोचती हूँ,

तुम्हें इस बात से कोई परेशानी तो नहीं ना ??

अपनी हँसी से ज्यादा तुम्हारी हँसी के लिए तरसती हूँ,

तुम्हें इस बात से कोई परेशानी तो नहीं ना ??

अपने से पहले तुम्हारा ख़्याल रखती हूँ,

तुम्हें इस बात से कोई परेशानी तो नहीं ना ??

तुमसे ज्यादा तुम पे मेरा हक़ समझती हूँ,

तुम्हें इस बात से कोई परेशानी तो नहीं ना ??


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