STORYMIRROR

Dr.Shilpi Srivastava

Romance

3  

Dr.Shilpi Srivastava

Romance

रोशनी तुम ही से है

रोशनी तुम ही से है

1 min
45

ख़्वाहिशें तुम्हीं से है,आरज़ू तुम्हीं से है,

हर ख़ुशी तुम्हीं से है,ये ज़िंदगी तुम्हीं से है,

हर कदम पर साथ तेरा,

हर घड़ी एहसास तेरा,

प्यार की जंजीर हो तुम, 

बंदगी तुम्हीं से है,

राह के काँटों को चुनकर,फूल तुमने ही बिछाया,

मेरी आंखों में सदा,नित्य नव्य सपनों को सजाया 

धूप में छाया बने तुम,

हौसला तुम्हीं से है, 

चाहे जितना हो अंधेरा,

रोशनी तुम्हीं से है। 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance