STORYMIRROR

Nisha Nandini Bhartiya

Drama

2  

Nisha Nandini Bhartiya

Drama

रंजिश

रंजिश

1 min
283


जरा सी रंजिश पर  न छोड़ो  किसी अपने का दामन  

अपनो को अपना बनाने में 

एक उम्र बीत जाती है 

बहुत मुश्किल से   मिलता है जीवन में अपनो का साथ 

अपनो के रूठने  मनाने में एक उम्र की खुशी मिल जाती है 

बहुत मिले इतनी बड़ी  दुनिया में 

पर अपनो सा अजीज इक न मिला  

मतलब के दोस्त तो बहुत मिले 

पर अपनों सासंगदिल न मिला 

हटते ही आवरण मैल का 

"निशा"सब का मन हो जाता है नेक  त्याग कर कटुता  बैर भाव को 

मिलकर गले सब हो जाते एक । 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama