Rekha Shukla
Drama Romance Classics
पायल खननन.........
शोले उठ्ठे पानीमें तरन्नुम बजने लगी
साझ छेड चली उंगलीया चुभने लगी
टिपटिप गिरी बुंदे सांज ढलने लगी
फिर स्थिर कंकर वर्तुल करने लगी
शाम की पायल खननन बजने लगी
वादा निभा गई रात पागल करने लगी।
ज़ख़मी सांसे ...
माँ
रूठे
शब्द
एक लम्हां सो ...
पायल
ख़ुदा
रंग कलम से बे...
सैयो
ओ' परवर दिगार...
माँ के रूप में कोई और नहीं, हमने अपने ही ईश्वर को पाया है...! माँ के रूप में कोई और नहीं, हमने अपने ही ईश्वर को पाया है...!
घर बार छोड़ आए तब भी दुआओं से नवाजा माँ तो माँ थी वो हँसती रही मगर ! घर बार छोड़ आए तब भी दुआओं से नवाजा माँ तो माँ थी वो हँसती रही मगर !
तू जहान है मेरा, मान है मेरा, माँ तू प्यार का बहता दरिया है...! तू जहान है मेरा, मान है मेरा, माँ तू प्यार का बहता दरिया है...!
खुद की व्यथा की कथा तो रो रो के सुनाते हैं । पर पंछियों के असहनीय दर्द को देख भी नहीं पाते हैं । खुद की व्यथा की कथा तो रो रो के सुनाते हैं । पर पंछियों के असहनीय दर्द को देख...
छोड़ो बंदिश, भूलो दुनिया, रस्म जलाओ दिल को क्या होता है हासिल सब सहने से ! छोड़ो बंदिश, भूलो दुनिया, रस्म जलाओ दिल को क्या होता है हासिल सब सहने से !
ढूंढ़ने से मिल जाते हैं भगवान हर जगह, न मिले तो तेरे घर में भी तो भगवान की एक मूरत है ! ढूंढ़ने से मिल जाते हैं भगवान हर जगह, न मिले तो तेरे घर में भी तो भगवान की एक म...
मौसम से जल्दी, अब रिश्ते बदलते हैं...! मौसम से जल्दी, अब रिश्ते बदलते हैं...!
अपने माँ के बेटे हम ! माँ को ही दुख देते हम ! जिसके आँचल में खेला आज नही है उसमें दम ! अपने माँ के बेटे हम ! माँ को ही दुख देते हम ! जिसके आँचल में खेला आज नही है उ...
कौन कहता है पत्थर नही रोता रोता तो बहुत है मगर उसके रोने का हमें एहसास नही है होता...। कौन कहता है पत्थर नही रोता रोता तो बहुत है मगर उसके रोने का हमें एहसास नही है...
रात भर मेरे बिस्तर पे सिलवट रही साथ पल कुछ बिताना तेरा काम है रात भर मेरे बिस्तर पे सिलवट रही साथ पल कुछ बिताना तेरा काम है
आज फिर मेरे शब्दों ने, वाह-वाही कमाई है, लगता है शायद, तेरी याद आयी है...! आज फिर मेरे शब्दों ने, वाह-वाही कमाई है, लगता है शायद, तेरी याद आयी है...!
अपने घर की हर मुश्किल झेलकर वह अपना कर्तव्य निभाने आई है; देखो, आज फिर वह औरत दूसरों का घर सजाने आई ... अपने घर की हर मुश्किल झेलकर वह अपना कर्तव्य निभाने आई है; देखो, आज फिर वह औरत दू...
ऐ ख़ुदा काश कुछ ऐसा हो, वो मेरी हो और, मैं उसका होऊँ...! ऐ ख़ुदा काश कुछ ऐसा हो, वो मेरी हो और, मैं उसका होऊँ...!
क्या होता है जब उस, बिटिया की शादी हो जाती है ? क्या होता है जब उस, बिटिया की शादी हो जाती है ?
इसलिए मुझे तेरी गलियों में जाना अब अच्छा नहीं लगता, मुझे तेरी गलियों में जाना अब अच्छा नहीं लगता.... इसलिए मुझे तेरी गलियों में जाना अब अच्छा नहीं लगता, मुझे तेरी गलियों में जाना ...
धरती पे इंसान की उम्र, निश्चय ही बहुत छोटी है...! धरती पे इंसान की उम्र, निश्चय ही बहुत छोटी है...!
अब नहीं है निशान मात्र भी संवेदना के उस काले टीके का, जो लगाया गया था तुम्हें बुरी नज़र से बचाने क... अब नहीं है निशान मात्र भी संवेदना के उस काले टीके का, जो लगाया गया था तुम्हें...
देने मुझे वो हर ख़ुशी इस जहां की, बहुत से दुखो को हर रोज़ सहते है...! देने मुझे वो हर ख़ुशी इस जहां की, बहुत से दुखो को हर रोज़ सहते है...!
मुसीबत दोस्ती भी ग़म खुशी है सियासत को नहीं मतलब अमन से मुसीबत दोस्ती भी ग़म खुशी है सियासत को नहीं मतलब अमन से
बचपन की थी वो बातें जिसकी अब हमे आती है यादे तब तक ही थी खुशियों की सौगाते अब तो टेंशन के मारे कट... बचपन की थी वो बातें जिसकी अब हमे आती है यादे तब तक ही थी खुशियों की सौगाते अब...