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Soniya Jadhav

Romance

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Soniya Jadhav

Romance

रंग मोहब्बत के

रंग मोहब्बत के

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रंग मोहब्बत के भर लें सारे, आ इस जिंदगी में,

कुछ ना बाकि रह जाए अधूरा , इस जन्म में।

मरने से पहले आ चल जी लें ज़रा,

तोड़ दें बंधन सारे, जीने के कायदे बदल दें ज़रा

चल आज बेपरवाह होते हैं थोड़ा।


तू घुल जा इश्क़ में मेरे , मिश्री की तरह

और मैं नमक बन जाऊँ, तेरी जिंदगी का।

सागर में जैसे उफनती लहरें,

कुछ वैसी ही है आज, मेरे दिल की धड़कन।


दुनिया तोड़ दे इससे पहले , तेरे-मेरे ख़्वाबों का घर

चल "हम" बन जाते हैं आज, छोड़कर "मैं" होने का दम्भ।

रंग लेते हैं मोहब्बत के रंगों से , आ अपने ख़्वाबों का घर,

भूल जाते हैं आज धर्म और जाति को अपनी,


मोहब्बत को अपना धर्म मान लेते हैं,

चल आज तू और मैं, हम बन जाते हैं।


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