Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

बिमल तिवारी "आत्मबोध"

Inspirational

4  

बिमल तिवारी "आत्मबोध"

Inspirational

रक्षा बंधन

रक्षा बंधन

1 min
16


रेशम का रक्षासूत्र उनकी कलाई में,

जो निकल आये हैं घरों से

हाथों में लेकर छिड़काव मशीन

हमारें गली मुहल्ला सड़क पर

साफ सफाई के लिए

ताकि हम रह सकें

हर तरह की वायरल जनित वायरस से सुरक्षित,


उनके लिए ,जो

अपना परिवार छोड़कर

आ गए है हमलोगों के परिवार को बचाने

सफ़ेद लिबासों में क़ैद होकर

एम्बुलेंस हॉस्पिटल और हमारें दिलो में


उनके लिए,जो अपनें बच्चें की फिक्र छोड़कर

हम सब के लिए खड़े हैं 

धूप बरसात आंधी तूफान में 

खुले आसमान के नीचें 

मुस्कुरातें हँसते हुए 

अपनी ड्यूटी निभाते

ख़ाकी वर्दी में बिना डरे सहमे,


इनके कलाई में हम 

रेशम का रक्षासूत्र बाँधें

और प्रार्थना करें,'की ईश्वर हर 

बुरी बला से इन्हें महफूज़ रखें,

ताकि ये हमारी हिफाज़त करते रहे

विपत्तियों में भेदभाव रहित ऐसे ही हमेशा" ।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational