STORYMIRROR

बिमल तिवारी "आत्मबोध"

Inspirational

3  

बिमल तिवारी "आत्मबोध"

Inspirational

हिंदू नव वर्ष

हिंदू नव वर्ष

1 min
209

आम्र कुंज भर गए बौर से

और शजर सब ओढ़े पात

नई वसन में वसुधा सज के

नभचर जलचर संग छेड़े तान

मेरा तन मन हर्षित आकुल

दूर छिटक गई चिंता झंझट

जग जननी जब जमी पे आई

ले के नई बरस और संवत ।।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational