बिमल तिवारी "आत्मबोध"
Romance
"तू ना मिला तो ख़ुद से जुदा हो जायेंगे,
जो मिला तो जग पे फ़िदा हो जायेंगे,
प्रेम पूजा से भी बड़ी इबादत है रब की,
प्रेम में हुए हम तो, ख़ुदा हो जायेंगे "
vasant
चंद शेर
हिंदू नव वर्ष
होली की बधाई
हिंदू वर्ष की...
ग़ज़ल
मुक्तक
श्रीराम
राममय जगत
प्रेम
वो हर रात ख्वाब बनकर मेरी आँखों में उतर आता है वो अब भी क्यों अहसास बनकर मेरी साँसों म वो हर रात ख्वाब बनकर मेरी आँखों में उतर आता है वो अब भी क्यों अहसास बनकर मेरी...
बहुत आसां है कहना कि बीते कल को भूल जाओ। बहुत आसां है कहना कि बीते कल को भूल जाओ।
ओस की नन्ही कंपकंपाती बूँद की तरह, जिसमें ठहरा है स्वादिष्ट लावा, जिसकी चाशनी में डूब ओस की नन्ही कंपकंपाती बूँद की तरह, जिसमें ठहरा है स्वादिष्ट लावा, जिसकी चा...
तो क्या ये सबका जुड़ना और लगाव अनायास यूँ ही होता? तो क्या ये सबका जुड़ना और लगाव अनायास यूँ ही होता?
प्रेम क्या होता है यह तो दो प्रेम करने वाले दिल ही बेहतर जाने प्रेम क्या होता है यह तो दो प्रेम करने वाले दिल ही बेहतर जाने
रेल की पटरी की तरह हैं हम दोनों ताकते रहते हैं एक दूसरे को दूर से ही। रेल की पटरी की तरह हैं हम दोनों ताकते रहते हैं एक दूसरे को दूर से ही।
मैं तुम्हारे नैनों में डूब जाया करता था तुम मेरी बांहों में झूल जाया करती थीं । मैं तुम्हारे नैनों में डूब जाया करता था तुम मेरी बांहों में झूल जाया करती थ...
उसकी नशीली आंखें इस कदर जादू कर गईं. उसकी नशीली आंखें इस कदर जादू कर गईं.
दिल के कोरे पन्नों पर मुस्कुराने की वजह लिख दो, तुम क्या चाहते हो एक बार हंस कर हमसे। दिल के कोरे पन्नों पर मुस्कुराने की वजह लिख दो, तुम क्या चाहते हो एक बार हंस...
मृग सी कस्तूरी वाली, हमें भी तो बताओ कहांँ से आए हो। मृग सी कस्तूरी वाली, हमें भी तो बताओ कहांँ से आए हो।
प्रिय लिखूँ प्रियतमा लिखूँ, बस मेरी लिखूँ या प्यारी भी संग, प्रिय लिखूँ प्रियतमा लिखूँ, बस मेरी लिखूँ या प्यारी भी संग,
अंधेरे में कुछ पल को खो जाए जब, तो फिर याद आये मुझे अपना रब, अंधेरे में कुछ पल को खो जाए जब, तो फिर याद आये मुझे अपना रब,
किताब का एक किस्सा हूं मैं, उस किस्सा की पूरी प्रेम कहानी है तू। किताब का एक किस्सा हूं मैं, उस किस्सा की पूरी प्रेम कहानी है तू।
चोट जो लगी है दिल पर, प्यार की मरहम तो लगा दो, चोट जो लगी है दिल पर, प्यार की मरहम तो लगा दो,
आंखों की बरसात का मौसम अब खत्म ही हुआ जानो। आंखों की बरसात का मौसम अब खत्म ही हुआ जानो।
इंतजार में क्यों अपना वक्त गंवाना इंतजार में यार हुये बहुत तार तार इंतजार में क्यों अपना वक्त गंवाना इंतजार में यार हुये बहुत तार तार
याद है मुझे उसने मुझे पहली बार जब प्यार से बुलाया था बिल्ली बोल कर मुझे उसने बहुत चिढ़ा याद है मुझे उसने मुझे पहली बार जब प्यार से बुलाया था बिल्ली बोल कर मुझे उसने ...
रात ख्वाबों में अक्सर कुछ धुंधली-सी यादों का बसेरा हो जाता है। रात ख्वाबों में अक्सर कुछ धुंधली-सी यादों का बसेरा हो जाता है।
भावनाओं की जगह, तर्क हावी होने लगता है और जान का रुतबा भी बदलने लगता है। भावनाओं की जगह, तर्क हावी होने लगता है और जान का रुतबा भी बदलने लगता है।
अगर उनकी समस्याओं और परेशानियों को दूर करने के लिए कुछ किया जा सकता है। अगर उनकी समस्याओं और परेशानियों को दूर करने के लिए कुछ किया जा सकता है।