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Chandresh Kumar Chhatlani

Inspirational

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Chandresh Kumar Chhatlani

Inspirational

वो जो जले दीप

वो जो जले दीप

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वो जो जले दीप उम्मीदों का

तो सफल है दीपावली

वो जो जले दीप मुस्कानों का

तो सफल है दीपावली


रोशनी से ज्ञान की, चमका लें हमारा भाल

करें जो मेहनत तो दोस्तों, सधे हमारी चाल

वो जो जले दीप कोशिशों का

तो सफल है दीपावली


हम बने हंस जो गाता है देख के भी मौत को

मुश्किलें जो आ जायें तो जलाएं कर्म की जोत को

वो जो जले दीप संघर्षों का

तो सफल है दीपावली


इक लक्ष्य बनाओ, पाने को, बदल दो इतिहास को

ना सोना बस चलना तुम, लेना सफलता की श्वास को

वो जो जले दीप क्षमताओं का

तो सफल है दीपावली


ना डरना जो कभी हारो, निराशा अभिशाप है

विश्वास रखना खुद पर भी, झुकना भी पाप है

वो जो जले दीप स्वाभिमानों का

तो सफल है दीपावली


क्या जात-पात के बंधन हैं, तुम रहना इंसान ही

दया-धर्म को मन में बसा के, दूर रखो अभिमान भी

वो जो जले दीप नयी सोचों का

तो सफल है दीपावली।


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