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ritesh deo

Inspirational

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ritesh deo

Inspirational

निरंतर आगे बढ़ना

निरंतर आगे बढ़ना

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निरंतर आगे बढ़ना पड़ेगा

रास्ते बुलाते हैं तो चलना पड़ेगा

बिना रुके और थके

बिना थामे किसी का हाथ

आगे बढ़ने की प्रतिस्पर्धा को ज़ारी रखना पड़ेगा

निरंतर आगे बढ़ना पड़ेगा!


ज़िद को ज़िंदगी से जोड़कर

थोड़ा सा ज्यादा लड़ना पड़ेगा

बिना सोचे कोई हार

इसबार जीत को पकड़ के रखना पड़ेगा

निरंतर आगे बढ़ना पड़ेगा!


कोई न कोई तो रास्ता निकालना होगा

सोच ले गर कुछ तो

मुश्किलों में कोई राह तो निकालना होगा

थके,रुके मन को एकाग्र कर ख़ुद को समेटना होगा

निरंतर आगे बढ़ना पड़ेगा!


जो सोच लिया ऐ दिल

जो ठान लिया ऐ मन 

हार में भी जीत की कहानी लिखी है 

ज़िंदगी में खुशी के गीत के साथ

गम के तुफां की भी अंधियारी रातें लिखी है 

हार - जीत, जंग ज़िंदगी की

आने वाले किसी तुफां से 

ऐ दिल तु बिल्कुल बिना डरे,चल

बस क़दम से क़दम मिला इस जहां के 

जूनून से ज़िंदगी के मुश्किलों में भी

थाम के दर्द का दामन

मुस्कुराते, जीवन सफ़र में 

निरंतर आगे बढ़ना पड़ेगा !


इक ख़ामोशी उनकी 

जब भी दिल की सरहद से गुजरती है तो 

घाव करोड़ों की दे जाती है !

तुम्हारी नफ़रत में अंदर तक डूबा तो जाना मुहब्बत क्या होती है!

ज़ख्म पे खुशी का मरहम पट्टी कर

दर्द,दिल का सबसे छुपाते रहे

लाख ख्वाहिश थी उन यादों के भंवर के

उलझा के अपने दर्दों में 

राह रोके मेरा

हम दुःख और सुख की खाई के बीच

सामंजस्य पुल बना 

सब शांति - शांति स्थापित करते रहे

ना चाहते हुए भी

सब भूल कर

निरंतर आगे बढ़ना पड़ेगा...

निरंतर आगे बढ़ना पड़ेगा।।



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