STORYMIRROR

Hariom Kumar

Abstract

3  

Hariom Kumar

Abstract

रिश्तों की पोटली

रिश्तों की पोटली

1 min
282

रिश्तों की पोटली को तुम रखना संभाल के,

हर रंज,द्वेष भाव सब मन से निकाल के,

जीवन के हर कदम पर यही काम आएंगी,

हर मुश्किल और उलझन में ये आराम लाएंगी,

खुशियों में नाचेंगी तेरे संग मुस्कुराएंगी,

गम में तेरे आंसू तमाम पोंछ जाएंगी,

तन्हाई में थामेंगी तुझको हौंसला देंगी,

महफ़िल में तेरे संग सुहाने गीत गाएंगी



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract