STORYMIRROR

अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा

Tragedy

4  

अधिवक्ता संजीव रामपाल मिश्रा

Tragedy

रिश्तों का कत्ल

रिश्तों का कत्ल

1 min
393

प्यार का एहसास दिल से होता है,

निभाना रिश्तों का नाम होता है,


अपनों से गैरों से प्यार होता है,

प्यार कोई जरिया नहीं होता है,


प्यार खुद व खुद पैदा होता है

प्यार विश्वास की डोर से बंधता है,


जब कभी विश्वास खत्म होता है

तब रिश्तों का बेहरम कत्ल होता है,


मुजरिम बन जाते हैं वो लोग,

जिनके प्यार में दगा होता है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy