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Asha Jakar

Classics

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Asha Jakar

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राखी

राखी

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राखी संवेदनाओं का त्योहार

गुंथा हुआ भाई बहन का असीम प्यार

है यह लाल रंग की डोर

इसकी पावनता का न कोई छोर


बच्चों में ला दे नई उमंग

घर-घर उठे प्यार की तरंग

पवित्र भावनाओं का पर्व

करते भारतीय इस पर गर्व


धर्म की दीवार मिटा दें

जाति वर्ग भेद को हटा दें

हुमायूँ बना कर्णवती का भाई

इसकी खातिर चल पड़ा था मुस्लिम भाई


भाई-बहन के नेह का बंधन

मधुर रिश्ते महके वन उपवन।


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