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Asha Jakar

Others


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Asha Jakar

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बारिश के बाद

बारिश के बाद

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बहुत दिनों की बारिश के बाद

जब खिली - खिली धूप देखी

खुला - खुला आस्माँ देखा

आस्माँ में पक्षियों को देखा

लहलहाती हरियाली देखी

गुनगुनाती हवा का स्पर्श

मन को अति सुखद लगा।।

सिर धोकर छत पर बाल सुखाए

गीले कपड़े धूप में सुखाएं

गीले बिस्तरों को धूप दिखाई

मसाले के डिब्बों को धूप दिखाई

मसालों की गंध का झोंका

अहा मन को बड़ा अच्छा लगा।

कमरों की खिड़की दरवाजे खोल दिए

कमरे में फिर अगरबत्ती जलाई

बालों में गुलाब लगाया

कमरे को खुशबू से महकाया

सुगंधित हवा का झोंका

मेरे अन्तर्मन को छू गया।।


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