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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Classics Inspirational

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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Classics Inspirational

अटूट बंधन

अटूट बंधन

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रिश्ता

टूटता

कहां है

रिश्ता

अटूट

होता है


जो रिश्ता

टूट गया

वह रिश्ता

रिश्ता न

होकर

एक

समझौता है

रिश्ते की

डोर में

प्रेम की

ऐंठन

होती है


समर्पण की

रेशे होते है

यह रिश्ता

परिस्थिति

चाहे जैसी

भी हो

अजर और

अमर होता है


रिश्ता

अगर

सच्चा

है तो

वो

अनश्वर

और

अविनाशी है।


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