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Ruchika Rai

Abstract

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Ruchika Rai

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त्योहार

त्योहार

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खुशियां मनाने का है एक बहाना,

व्यस्तता में भी अपनी धुन में गाना,

जिम्मेदारियों से कुछ पलों की छुट्टी कर,

जिंदगी को उमंगों से है सजाना।


त्योहारों का आना उल्लास लेकर आना,

गम को भूल कर थोड़ा आनंद है उठाना,

आपसी वैमनस्यता को भूलकर सदा ही,

दिलों में प्रेम के फूल को है खिलाना।


रौनकों का हो भीतर बाहर परचम,

थोड़ी सी खुशियों में भूले अपना गम,

त्योहारों के बहाने जीवन में सदा ही,

लेकर आये जोश और उत्साह सदा हम।


त्योहार जीवन में बिखेरते है इंद्रधनुषी रंग,

होते हैं त्योहारों के बहाने अपने हमारे संग,

दूरियाँ खत्म करने का बहाना लेकर आती,

त्योहारों के भी होते हैं अलग रंग ढंग।


चलो त्योहारों को हम कुछ इस प्रकार मनायें,

टूटे हुए रिश्तों को हम एक बार जोड़ आएं,

कुछ दूरियाँ जो आई है अपनों के बीच में,

उन दूरियों को प्रेम और सम्मान से हम मिटायें।


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